Agra Cantt Railway Station:: उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान रेलवे के दो विभागों के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (Deputy SS) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई घटना के संबंध में रेलवे प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रथम दृष्टया प्राप्त तथ्यों के आधार पर 2 ASI समेत 4 RPF कर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच हेतु 03 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत… pic.twitter.com/EuIwvbQla3
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ASI समेत 4 RPF कर्मी निलंबित
प्रारंभिक जांच के आधार पर रेलवे प्रशासन ने 4 RPF कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित कर्मियों में शामिल हैं—
- ASI मेघराज मीणा
- ASI बालकिशन
- कांस्टेबल जितेंद्र
- कांस्टेबल बदन सिंह
रेलवे का कहना है कि यह कार्रवाई शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए रेलवे ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
यह समिति—
- सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी।
- वायरल वीडियो का विश्लेषण करेगी।
- प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगी।
- दोनों पक्षों का पक्ष सुनेगी।
इसके बाद अपनी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपेगी।
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं।
डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट का आरोप है कि RPF जवानों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर गिराकर घसीटा।
वहीं, RPF के एक कांस्टेबल ने भी डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट पर हाथापाई का आरोप लगाया है।
इन परस्पर आरोपों को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कराने का फैसला लिया है।
रेलवे ने कहा: रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
उत्तर मध्य रेलवे ने कहा है कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ रेलवे नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।












