जबलपुर के चर्चित सुहागी देह व्यापार मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए आधारताल थाने के एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं थाना प्रभारी (TI) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। Jabalpur Suhagi Sex Racket Case
प्राथमिक जांच में मामले में पुलिसकर्मी की कथित संलिप्तता की आशंका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
10 जुलाई को हुआ था खुलासा
10 जुलाई को पुलिस ने सुहागी की सरस्वती कॉलोनी में छापेमारी कर कथित देह व्यापार का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान मकान मालिक निमेष विनोदिया समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। मौके से तीन ग्राहकों को भी हिरासत में लिया गया था।
जांच में आरोप है कि संबंधित मकान में पिछले करीब चार वर्षों से यह गतिविधि संचालित हो रही थी।
आरक्षक पर संरक्षण देने का आरोप
जांच के दौरान स्थानीय लोगों से पूछताछ में आधारताल थाने के आरक्षक सतीश झारिया का नाम सामने आया। आरोप है कि वह कथित तौर पर आरोपियों को संरक्षण देने और उनसे अवैध वसूली करने में शामिल था।
इसी आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने आरक्षक को निलंबित कर दिया। वहीं आधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
यूपी और महाराष्ट्र तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले का नेटवर्क मध्य प्रदेश के बाहर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक जुड़ा हुआ था। जांच के अनुसार, अन्य राज्यों से महिलाओं को जबलपुर बुलाया जाता था।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच जारी, अन्य लोगों पर भी हो सकती है कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद महिला थाना की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।











