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Sawan Somwar: सिद्धेश्वर महादेव धाम में आस्था की अनोखी परीक्षा, कोहनी के बल उठता है शिवलिंग, भक्त मानते हैं मनोकामना पूरी होने का संकेत

Sawan Somwar: मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के ग्राम उंडारी स्थित सिद्धेश्वर महादेव धाम सावन के पावन महीने में श्रद्धालुओं की ...

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Sawan Somwar: सिद्धेश्वर महादेव धाम में आस्था की अनोखी परीक्षा, कोहनी के बल उठता है शिवलिंग, भक्त मानते हैं मनोकामना पूरी होने का संकेत

Sawan Somwar: मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के ग्राम उंडारी स्थित सिद्धेश्वर महादेव धाम सावन के पावन महीने में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां की सबसे बड़ी विशेषता मंदिर में स्थापित चलित शिवलिंग है, जिसे लेकर वर्षों पुरानी धार्मिक मान्यता आज भी लोगों के बीच जीवित है।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां भगवान शिव सच्ची श्रद्धा से आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

कोहनी के बल उठाया जाता है शिवलिंग

मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा चलित शिवलिंग से जुड़ी है। श्रद्धालु पहले विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं, इसके बाद हाथ की कोहनी के सहारे शिवलिंग उठाने का प्रयास करते हैं।

स्थानीय मान्यता के अनुसार यदि भगवान भोलेनाथ की कृपा होती है और मनोकामना पूरी होने का समय होता है, तो शिवलिंग आसानी से उठ जाता है। वहीं यदि समय अनुकूल नहीं होता, तो शिवलिंग नहीं उठता। इसी वजह से हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस परंपरा में शामिल होते हैं।

मनोकामना पूरी होने पर दोबारा आते हैं श्रद्धालु

ग्रामीणों के अनुसार कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव का आभार व्यक्त करने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन करते हैं। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा सिद्धेश्वर महादेव धाम की विशेष पहचान बन चुकी है।

सावन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

सावन सोमवार और पूरे श्रावण मास के दौरान मंदिर में मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि गुजरात और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

मंदिर परिसर पूरे दिन “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंजता रहता है। सुबह से देर रात तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहता है।

आस्था और विश्वास का प्रतीक

उंडारी का सिद्धेश्वर महादेव धाम केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। यहां आने वाला हर भक्त भगवान भोलेनाथ के चरणों में अपनी मनोकामना अर्पित करता है और सुख-समृद्धि की कामना के साथ लौटता है।

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