ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए दिए गए उनके बयान पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इसे करोड़ों शिवभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा विधायक ने FIR दर्ज करने की मांग की
गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में शिकायत देकर मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बयान से करोड़ों शिवभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। साथ ही उन्होंने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की भी मांग की।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जताई आपत्ति
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी लोगों को जिम्मेदारी के साथ सार्वजनिक बयान देने चाहिए।

मेरठ की घटना का दिया हवाला
मौलाना साजिद रशीदी ने अपने बयान में मेरठ के दौराला क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई एक घटना का जिक्र किया था। उनका कहना था कि हिंसा, कानून हाथ में लेने और नशे जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों को शिवभक्त नहीं कहा जाना चाहिए।
हालांकि, उनके बयान के शब्दों को लेकर कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं रशीदी
इससे पहले भी मौलाना साजिद रशीदी समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव पर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में रहे थे। उस बयान के बाद भी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। अब कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए उनके बयान ने एक बार फिर उन्हें विवादों के केंद्र में ला दिया है।
पुलिस कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित एजेंसियों द्वारा तय की जाएगी। मामले में अब तक FIR दर्ज होने या किसी अन्य कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।










