उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क और पुल की मांग को लेकर स्कूली बच्चे सड़क पर उतर आए। बड़ागांव स्थित शासकीय हाई स्कूल के छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने बताया कि स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश के दौरान कीचड़ में बदल जाता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। छात्रों ने स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी कलेक्टर के सामने रखीं।
सड़क और पुल की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे बच्चे
ग्राम बड़ागांव के शासकीय हाई स्कूल के छात्र सड़क और पुल की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। बच्चों ने कार्यालय परिसर में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और अधिकारियों के सामने समस्या रखी। छात्रों का कहना है कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है और कीचड़ के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एक कमरे में तीन कक्षाएं चलने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था से जुड़ी समस्या भी बताई। उनका कहना है कि विद्यालय में एक ही कमरे में तीन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्रों ने सड़क और पुल निर्माण के साथ स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं में सुधार की भी मांग की है।
कलेक्टर ने सुनी बच्चों की समस्या
छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद उमरिया कलेक्टर राखी सहाय मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को ग्राम बड़ागांव का तत्काल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क निर्माण के लिए जरूरी कार्रवाई शुरू करने को कहा। कलेक्टर के आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अब छात्र और ग्रामीण प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
कई जिलों में छात्र उठा रहे अपनी आवाज
मध्य प्रदेश में स्कूलों की समस्याओं को लेकर अलग-अलग जिलों में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के मामले सामने आ रहे हैं। भोपाल में स्कूल मर्जर के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। वहीं टीकमगढ़, दमोह, खंडवा, शहडोल, छतरपुर, कटनी, नरसिंहपुर और विदिशा समेत कई जिलों में भी विद्यार्थी अलग-अलग मांगों को लेकर अपनी आवाज उठा चुके हैं। कहीं स्कूल की मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायत है तो कहीं आने-जाने और परिवहन से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।










