मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुनाव परिणामों की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार, हार के कारणों और कथित भीतरघात पर विस्तृत चर्चा की गई।
भीतरघात के आरोप, पार्टी को सौंपे गए सबूत
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेता आशुतोष तिवारी ने चुनाव के दौरान कथित भीतरघात से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत पार्टी नेतृत्व को सौंपे हैं। इन्हीं आधारों पर जिम्मेदार नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिला कार्यकारिणी भंग होने की संभावना
पार्टी सूत्रों के अनुसार दतिया भाजपा जिला कार्यकारिणी को भंग किया जा सकता है। साथ ही वर्तमान जिलाध्यक्ष को हटाने और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जिले के कुछ पार्षद भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
हार की समीक्षा के लिए बनी दो सदस्यीय समिति
दतिया उपचुनाव में मिली हार की समीक्षा के लिए भाजपा ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें
- गौरव रणदिवे (प्रदेश महामंत्री)
- अंबाराम कराड़ा
को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नेता चुनाव परिणामों और संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे।
मंत्रियों से भी मांगी गई रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, दतिया क्षेत्र के मंडलों की जिम्मेदारी संभाल रहे छह मंत्रियों से भी मंडलवार रिपोर्ट मांगी गई है। पार्टी यह जानने का प्रयास कर रही है कि किन क्षेत्रों में संगठन कमजोर रहा और किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।
दिल्ली भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, दतिया उपचुनाव को लेकर तैयार की गई विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच भी इस मुद्दे पर लगातार मंथन जारी है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के मुंबई दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री निवास पर संगठन के चुनिंदा पदाधिकारियों की एक और बैठक हो सकती है, जिसमें आगे की रणनीति और संभावित कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।











