उज्जैन। श्रावण माह के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी धूमधाम से निकाली गई। भगवान महाकाल रजत पालकी में चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के दौरान रास्तेभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।
पूजा के बाद नगर भ्रमण के लिए निकले बाबा महाकाल
सवारी से पहले महाकाल मंदिर के सभा मंडप में बाबा महाकाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने बाबा महाकाल की पालकी को कंधा देकर सवारी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस दल ने बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद भगवान महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण के लिए निकले।
हाथी पर मनमहेश स्वरूप में भी दिए दर्शन
दूसरे सोमवार की सवारी में बाबा महाकाल के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन हुए। भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में हाथी पर सवार होकर भी भक्तों को दर्शन देते नजर आए। सवारी के मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही और लोगों ने बाबा महाकाल का स्वागत किया। श्रावण और भादों मास के सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाले जाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत हर सोमवार सवारी का आयोजन किया जाता है।

रामघाट पर हुआ बाबा महाकाल का अभिषेक
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और हरसिद्धि पाल से होते हुए रामघाट पहुंची। यहां भगवान महाकाल का शिप्रा नदी के जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंची।
पुलिस बल और भजन मंडलियां भी रहीं शामिल
सवारी में पुलिस का अश्वरोही दल, सशस्त्र पुलिस बल, पुलिस बैंड और विभिन्न भजन मंडलियां शामिल हुईं। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। दूसरे सोमवार की सवारी में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने पूरे रास्ते भगवान महाकाल के जयकारे लगाए और सवारी के साथ चलकर बाबा का आशीर्वाद लिया।










