मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पूर्व विधायक कथित तौर पर वर्तमान विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
दो पक्षों के बीच जमीन विवाद से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। एक पक्ष के किसान बद्री सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूर्व विधायक के परिवार पर उनकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि जमीन का सीमांकन नहीं कराया जा रहा है और उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। किसान का यह भी कहना है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।
पूर्व विधायक ने दी अपनी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो काट-छांट कर पेश किया गया है।
उनका कहना है कि संबंधित जमीन पर वर्ष 1954 से एक किसान खेती करता आ रहा है और मामला न्यायालय, एसडीएम तथा तहसीलदार के स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरदावर की रिपोर्ट में बंदोबस्त संबंधी त्रुटि का उल्लेख किया गया है, जिससे कई गांवों में इसी तरह के विवाद सामने आ रहे हैं।
‘धरने पर बैठूंगा तो कलेक्टर-SP दौड़ते आएंगे’
वायरल वीडियो में पूर्व विधायक कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि यदि वे परिवार सहित धरने पर बैठ जाएंगे तो कलेक्टर और एसपी दौड़ते हुए पहुंच जाएंगे। वीडियो में वर्तमान विधायक, पटवारी और तहसीलदार के खिलाफ भी आपत्तिजनक भाषा सुनाई दे रही है।
वीडियो की सत्यता और जांच
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पूर्व विधायक का कहना है कि वीडियो एडिट किया गया है, जबकि दूसरा पक्ष इसे वास्तविक बता रहा है। मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे सार्वजनिक किए हैं और जमीन विवाद का मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष विचाराधीन बताया जा रहा है।











