Gwalior Akshaya Yadav Murder Case मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चर्चित अक्षया यादव हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव की नातिन अक्षया यादव की हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला दिया।
जुलाई 2023 में हुई थी घटना
यह मामला जुलाई 2023 का है। ग्वालियर के माधौगंज थाना क्षेत्र स्थित बेटी बचाओ चौराहे के पास हुई फायरिंग में अक्षया यादव की मौत हो गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया था कि हमलावरों का कथित निशाना अक्षया नहीं, बल्कि उसकी एक सहेली थी। फायरिंग के दौरान चली गोली अक्षया को लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
26 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान अदालत में 26 गवाहों के बयान पेश किए। इनके अलावा अन्य साक्ष्यों को भी कोर्ट के समक्ष रखा गया।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी माना।
इन चार दोषियों को मिली उम्रकैद
जिला एवं सत्र न्यायालय ने निम्न आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई—
- बाला सुरवे
- पृथ्वीराज चौहान
- मोंटी रावत
- सुमित रावत
अदालत ने सभी को हत्या के मामले में दोषी ठहराया।
चार नाबालिग आरोपियों का मामला अभी लंबित
इस हत्याकांड में चार नाबालिग आरोपी भी शामिल हैं। उनका मामला फिलहाल किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
इसी कारण जिला अदालत ने उनके संबंध में कोई फैसला नहीं सुनाया है। उनकी सुनवाई अलग से जारी रहेगी।
प्रदेशभर में चर्चा में रहा था मामला
पूर्व डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव की नातिन की हत्या के कारण यह मामला पूरे मध्य प्रदेश में काफी चर्चा का विषय बना था। अब लगभग तीन साल बाद जिला एवं सत्र न्यायालय के फैसले के साथ इस चर्चित मामले में चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि नाबालिग आरोपियों के मामलों पर किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई जारी है।











